Chicks brooding
ब्रायलर पोल्ट्री ट्रेनिंग हिंदी !

ब्रायलर को  प्रकाश की व्यवस्था ताकि वज़न बेहतर आये !

प्रकाश की व्यवस्था अगर सही तरीकों से की जाये तो इससे आपके फार्म में ग्रोथ या वजन बेहतर आता है और साथ ही बिजली की खपत भी कम हो जाती है !

इससे पक्षी के पेट में पानी भरने की बीमारी , पलट के मरना , टांगों के कमजोर होने की दिक्कत कम होने लगती है ! और साथ बीमारियों से लड़ने की ताकत भी बढ़ने लगती है !

ऐसा विज्ञान भी बताता है , की अगर पक्षी को कुछ दिनों तक  कुछ  घंटे   पूरा अँधेरा दिया जाए तो बीमारियों से लड़ने की क्षमता में भी वृद्धि देखी गयी है !

ब्रायलर के कब कब कितना प्रकाश देना है , वो हम इस सेशन में पूरी गहराई से समझेंगें ! अँधेरा रात के वक़्त ही दिया जाना चाहिये शाम के वक़्त बिजली या रोशनी बंद करना ना समझें !

चूज़े का पहला दिन -पहले दिन चूजे छोड़ते हुए प्रकाश धीरे धीरे कुछ मिनट लगाकर बढ़ाना चाहिये !  चूजों को पहले दिन 24 घंटे प्रकाश की व्यवस्था करनी बेहतर है ! ताकि पहले दिन पूरी तरह फीड और पानी मिल सके !

  चूज़े का दूसरा  दिन –  दुसरे दिन रात को अँधेरा होने के बाद 1 घंटा रोशनी नहीं देनी चाहिये !

चूज़े का तीसरा  दिन –   तीसरे दिन रात को अँधेरे में 2 घंटे रोशनी देनी चाहिये !

ऐसा इस लिये किया जा रहा है , ताकि चूज़े अँधेरे के आदि होते चले जायें ! और पक्षी किसी तरह के तनाव को महसूस ना करे !

चूज़े का चौथा  दिन –  चौथे  दिन रात को अँधेरे में 3 घंटे रोशनी नहीं देनी चाहिये !

चूज़े का पांचवां   दिन –  पांचवे  दिन रात को अँधेरे में 4  घंटे रोशनी नहीं देनी चाहिये !

चूज़े का छटा  दिन –  छटे  दिन रात को अँधेरे में 5  घंटे रोशनी नहीं देनी चाहिये !

इसके बाद आपको प्रकाश को 5 घंटे से ज्यादा बढ़ाना बंद कर देना चाहिये !

इससे ब्रायलर पक्षी आदि हो जाता है और प्रकाश जे जाने से पहले ही पानी और फीड पूरी तरह ले लेता है ! इसलिये फीड ,पानी और फीड ,पानी के बर्तन सही संख्या में होने चाहियें !

अब यहाँ सवाल उठता है ! कि किस समय अँधेरा करना चाहिये ! मुख्यतः वही समय बेहतर होता है ! जब ज्यादातर आप अंत में पक्षी को बेचते है ! इससे किसी मंडी में बहुत दूर तक भी सप्लाई देनी हो तो पक्षी का पानी और फीड से पेट भरा रहता है ! और कम वजन टूटता है !

ये तरीका पक्षी को प्रकाश देने का प्राकृतिक तरीका है ! इससे पक्षी में बनने वाले एक सामान्य हॉर्मोन मेलाटोनिन सही तरीके से बनता है ! और पक्षी की बीमारियों से लड़ने के क्षमता को अच्छे से बड़ा देता है ! जिससे बीमारियां कम आती है ! और ज्यादातर सभी पक्षी एक सार बढ़ते है !

पक्षी को जब बेचना हो तो , बहुत कम रोशनी में ही पक्षियों को पकड़ना चाहिये ! ताकि पक्षी घबरा ना जायें और कम तनाव में रहें !

इस तरीके से आपके पोल्ट्री फार्म पर बिजली का खर्च भी बेहद कम हो जाता है ! और ये तरीका सिर्फ ब्रायलर पक्षी के लिये बताया गया है !

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